Saturday, 28 April 2012

जब तुम साथ होते हो



जब तुम साथ होते हो
आसमान गहरा नीला होता है
पत्ते होते हैं ज़्यादा हरे
सुर्ख हो जाती है ढलती शाम,

जब तुम साथ होते हो
हर तलाश लेती है विराम
हर आस को मिलती है पनाह
मन की कोख से पैदा होते हैं सपने,

जब तुम साथ होते हो
घुलने लगती है दर्द की बर्फ
आकार लेते हैं दुआओं के चेहरे
मैं मुस्कुराती हूं कुछ ज़्यादा
जब तुम साथ होते हो...

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