यूं तो कई रंगों की होती हैं
हरी नीली पीली गुलाबी कत्थई सफेद
लेकिन लाल रंग की लड़कियां
कुछ खास अलग होती हैं
बिल्कुल लाल...दहकती सी
या कभी ठहरी हुई
जैसे बुझती आंच
आंच पर दमक उठती एकाध चिंगारी
अक्सर बहते लहू सी ज़रूरी
ना थोड़ा कम ना ज़्यादा
उगते-डूबते सूरज सी लाल
कभी प्रेम का लाल
कभी विस्फोट का
रंगों के फेरबदल वाली दुनिया में
लाल रंग की लड़की
अपने ही रंग में जीती लड़ती जूझती
पर नहीं बदलती रंग
ऐसा जी पाना
अमूमन कहां हो पाता है
अब किसी और रंग में
तभी तो कुछ खास अलग होती हैं
लाल रंग की लड़कियां....
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