Saturday, 28 April 2012

बारूद शहर

बारूद के शहर में
फूलों से बनी लड़की
धुएं के समंदर में
खुशबू से सनी लड़की
विस्फोट की गली के
सुर ताल बदल देगी
सोचती है इक दिन
ये हाल बदल देगी
ये हाल जो बदला तो
बारूद जो पिघला तो
फूलों का शहर होगा
खुशबू में बसर होगा

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