बारूद के शहर में
फूलों से बनी लड़की
धुएं के समंदर में
खुशबू से सनी लड़की
विस्फोट की गली के
सुर ताल बदल देगी
सोचती है इक दिन
ये हाल बदल देगी
ये हाल जो बदला तो
बारूद जो पिघला तो
फूलों का शहर होगा
खुशबू में बसर होगा
फूलों से बनी लड़की
धुएं के समंदर में
खुशबू से सनी लड़की
विस्फोट की गली के
सुर ताल बदल देगी
सोचती है इक दिन
ये हाल बदल देगी
ये हाल जो बदला तो
बारूद जो पिघला तो
फूलों का शहर होगा
खुशबू में बसर होगा
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